कानपुर देहात। वर्ष 2008 में अवैध कारतूस बरामदगी के मामले में थाना रूरा पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद अभियुक्त महिपाल सिंह को न्यायालय ने दोषसिद्ध करते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा और ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला 7 जुलाई 2008 का है। महिपाल सिंह पुत्र स्वर्गीय सूबेदार निवासी रामपुर, थाना रूरा के कब्जे से पुलिस ने दो अवैध जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस संबंध में थाना रूरा में मुकदमा अपराध संख्या 198/2008 के तहत धारा 25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचक द्वारा मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा साक्ष्यों का संकलन कर 11 अगस्त 2008 को अभियुक्त महिपाल सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना रूरा पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की गई। न्यायालय के समक्ष गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया गया।
माननीय एसीजेएम कोर्ट-1, कानपुर देहात ने 17 अगस्त 2026 को अभियुक्त महिपाल सिंह द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने पर उसे दोषसिद्ध करते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा तथा ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को पांच दिवस का साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की जा रही प्रभावी पैरवी का उद्देश्य अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाना और समाज में कानून-व्यवस्था एवं शांति को मजबूत करते हुए अपराधों पर अंकुश लगाना है।









