कुपोषण उन्मूलन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार पर विशेष जोर
कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में जिला पोषण समिति की बैठक माॅ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित पोषण संबंधी कार्यक्रमों, पोषण की स्थिति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यो की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण केवल स्वास्थ्य विभाग अथवा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का विषय नहीं है, बल्कि यह बहु-विभागीय समन्वय से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पोषण अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों, बच्चों के नियमित वजन एवं लंबाई मापन, गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान तथा उनके उपचार एवं पोषण प्रबंधन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी की जाए तथा स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से उनके स्वास्थ्य सुधार हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, आयरन एवं फोलिक एसिड की उपलब्धता तथा संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दी जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर पोषण संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषण पखवाड़ा, पोषण माह एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संतुलित आहार, स्वच्छता, स्तनपान तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर विशेष बल दिया जाए। बैठक में विभागवार लक्ष्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग सुनिश्चित की जाए तथा लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति का नियमित सत्यापन किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं पोषण सामग्री वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषण संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं पोषित समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 जयगोविन्द, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी जिला कार्यक्रम अधिकारी आरबी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।









