स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, एचआरपी, आयुष्मान एवं वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा
जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण, एनीमिया नियंत्रण, उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी), आयुष्मान एवं आभा आईडी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉकों के स्वास्थ्य संकेतकों में राज्य औसत से पीछे चल रहे ब्लॉकों में तत्काल सुधार लाया जाए। प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण एवं अन्य प्रमुख संकेतकों में कमजोर प्रदर्शन करने वाली इकाइयों के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे और सभी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। बैठक में वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार एवं समयबद्ध व्यय सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी मद में अनावश्यक धनराशि लंबित न रहे। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वास्थ्य इकाइयों की सराहना करते हुए कम प्रगति वाली इकाइयों को आगामी समीक्षा तक उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान तत्काल पूर्ण कराने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, एचएमआईएस एवं आरसीएच पोर्टल पर शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा ऑनलाइन रिपोर्टिंग की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक प्रगति पोर्टल पर सही एवं अद्यतन आंकड़ों के माध्यम से ही परिलक्षित होनी चाहिए। शिशु स्वास्थ्य एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि छूटे हुए बच्चों की पहचान कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएं तथा जन्म के समय सभी आवश्यक टीकों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवतियों की समयबद्ध पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर देने के निर्देश भी दिए गए। उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर एएनसी जांच कर जोखिम वाली गर्भवतियों का चिन्हीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की शत-प्रतिशत समयबद्ध समीक्षा कर कारणों का विश्लेषण करने तथा पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान योग्य दंपत्तियों की नियमित काउंसलिंग, परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता एवं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पतालों में बेड ऑक्यूपेंसी, ओपीडी, एनबीएसयू, एसएनसीयू एवं एनआरसी कार्यक्रमों की प्रगति में सुधार लाने तथा सभी लंबित आंकड़ों को समय से पोर्टलों पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी निर्माण में तेजी लाने, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन के लक्ष्य समय पर पूर्ण करने, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में सक्रिय रोगी खोज एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निक्षय पोषण योजना, डीबीटी भुगतान एवं उपचार पूर्णता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य विकड अधिकारी एच एन प्रसाद, सीएमएस मेडिकल प्रशांत निरजंन, सीएमएस जिला अस्पताल जेजे राम आदि चिकित्सक मौजूद रहे।









