उरई न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती पर माल्यार्पण करके दीप प्रज्ज्वलित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत् उद्घाटन किया गया। सभी तहसीलों मे स्थित दीवानी न्यायालयों में भी उक्त आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में न्यायाधीश एंव समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहें।
राष्ट्रीय लोकअदालत में निस्तारित वादों की जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाम्भवी-प्रथम द्वारा बताया गया कि न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय जिला जज द्वारा 25 मुकदमों का निस्तारण किया गया एवं मु० 1,00,45,416/- रू० धनराशि पक्षकारों को दिलायी गयी। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 24 मुकदमों का निस्तारण करते हुये भरण पोषण के मामलें निस्तारित किये। इनके द्वारा 05 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा 45 मुकदमों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 79 मामलों में विपक्षी बीमा कम्पनियों से पीड़ित याचीगण को 1,84,14,000/-रू० धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलायी गयी। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार द्वारा 10 मुकदमो का निस्तारण करते हुये 4552133/- रू० याचीगण को दिलवाये गये। इसी क्रम में स्थायी लोक अदालत (पी०यू०एस०) के अध्यक्ष राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 04 मुकदमा में पक्षकारों के मध्य सुलह कराते हुये उन्हें विवाद से राहत प्रदान की गयी।
अपर जिला जज-प्रथम सतीश चन्द्र द्विवेदी द्वारा 02, विशेष न्यायाधीश (ई०सी० एक्ट) पारूल पंवार द्वारा विशेष प्रयास करते हुये विद्युत अधिनियम के 393 मुकदमों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज/एफ०टी०सी० (महिलाओं के विरूद्ध अपराध) श्री भारतेन्द्र सिंह द्वारा 02 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे द्वारा कुल 2909 आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज सी०डि० अर्पित सिंह द्वारा सिविल के 13 व फौजदारी के 56 एवं सिविल जज सी०डि०(एफ०टी०सी०) मनाली चन्द्रा द्वारा दीवानी प्रकृति के 03 व फौजदारी के 97 वादो में पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया गया।
सिविल जज जू०डि० उरई श्री प्रत्यूष प्रकाश द्वारा दीवानी के 07 वाद फौजदारी के 151, वाह्य न्यायालय कालपी दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी अभिषेक चौधरी द्वारा फौजदारी के 508 एवं अपर सिविल जज जू०डि० कालपी सुधांशु सिंह के द्वारा फौजदारी के 61, जालौन दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी जावेद खां द्वारा दीवानी के 04 वाद फौजदारी के 468 एवं अपर सिविल जज जू०डि० जालौन निकिता सिंह के द्वारा फौजदारी के 265, न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई शिंजनी यादव द्वारा फौजदारी के 350, अपर सिविल जज (जू०डि०) प्रथम अंकिता सिंह उरई द्वारा 102 फौजदारी वाद, सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी०/ सी०ए०डब्ल्यू० अनिरूद्ध सिंह द्वारा
02
105 फौजदारी वाद, न्यायालय सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी० 14वां वित्त आयोग शैलजा द्वारा दीवानी वाद फौजदारी वाद 86, ग्राम न्यायालय माधौगढ़ के न्यायाधिकारी विनय कुमार चाहर द्वारा 02 दीवानी एवं 73 फौजदारी एवं विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सैयद अली मेहदी आबिदी द्वारा कुल 18 मामलों का निस्तारण करते हुये विभिन्न न्यायालयों द्वारा 296810/-रू० कोष में जमा कराये। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले की विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण के 545 मामलों में समझौता कराया गया।
इनके अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (एस०सी०/एस०टी० एक्ट) सुरेश कुमार गुप्ता, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मुहम्मद कमर, जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 3145 मामलों सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 227345 मामले निस्तारित किये गये। इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन में 236804 मामलों को आज निस्तारित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।












