कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात लैब टेक्नीशियन अमित गौतम के साथ अन्याय होने का मामला सामने आया है। अमित गौतम का आरोप है कि उनके ऊपर ड्यूटी के दौरान झूठे आरोप लगाकर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया।
बताया जाता है कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार द्वारा आरोप लगाया गया था कि अमित गौतम ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में थे। हालांकि शिकायत के बाद जब औपचारिक निरीक्षण किया गया तो वहां किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई।
अमित गौतम का कहना है कि होली के त्योहार के अवसर पर उनसे ₹5000 की मांग की जा रही थी। आरोप है कि पिछले तीन-चार दिनों से इस संबंध में उन्हें फोन भी किए जा रहे थे। जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया, तो उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई और तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का आदेश दे दिया गया।
अमित गौतम के अनुसार वह रोज समय पर ड्यूटी पर पहुंचकर अपना कार्यभार संभालते थे। 6 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने लैब में जाकर जांच की, जहां अमित गौतम खाना खाते हुए मिले। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें बिना किसी जांच के शराब के नशे में घोषित कर दिया गया।
अमित गौतम का कहना है कि उन्होंने खुद अपनी मेडिकल जांच कराने की बात कही, लेकिन सीएचसी अधीक्षक जांच कराने से पीछे हटते नजर आए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले भी इसी बात को लेकर उनका विवाद हुआ था और उस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया था।
अमित गौतम ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो उन्हें दोबारा अपनी सेवा जारी रखने का अवसर दिया जाए।
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगा और क्या अमित गौतम को न्याय मिल पाएगा?










