कानपुर देहात अहरौली शेख बाईपास में अशोक लीलैंड सर्विस सेंटर के पास हाफिज लारैब रज़ा द्वारा 7 रोज़ा तरावीह में कुरान ए करीम मुकम्मल किया गया जहां युवजन सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष काशिफ खान सहित सैकड़ों अकीदतमंदों ने तरावीह में कुरान ए करीम को सुना । तरावीह मुकम्मल के बाद इज़लास का आयोजन किया गया जिसमें मुबारक महीने रमज़ान और कुरान के बारे में बताया गया और तबर्रूक तकसीम किया गया इस दौरान काशिफ खान ने बताया कि तरावीह रमज़ान का चांद निकलने से लेकर ईद का चांद दिखने तक अदा की जाती है ये हर बालिग मुसलमान पर जरूरी है कि वो पूरे रमजान तरावीह को अदा करे उन्होंने कहा रमजान का महीने हमे सब्र ओ इस्तेकामत के साथ साथ आपसी भाईचारे अमन ओ मुहब्बत का पैगाम देता है रमज़ान के पूरे रोज़े हर बालिग मुसलमान पर फ़र्ज़ किए गए हैं रोज़े का मतलब केवल भूखा और प्यासा रहना नहीं होता है बल्कि रोजे जिस्म के हर एक हिस्से का होता है रोज़ा हमे अच्छाई की ओर ले जाता है और बुराइयों से बचाता है सब्र की तालीम देता है रोज़ा हमे सिखाता हैं कि अपनी जात से किसी को तकलीफ ना दो ना ही किसी के लिए बुरा कहो ना ही किसी के लिए बुरा सुनो और अपनी नज़र और जहनियत को पाक और साफ रखो उन्होंने कहा की रोजा हमे कई बीमारियों से भी महफूज़ रखता है।
रोज़ा हमे सब्र आत्मनियंत्रण और अनुशासन और अल्लाह के लिए तकवे की सीख देता है रोज़ा इंसान को तक़वा यानी अल्लाह की मौजूदगी का एहसास दिलाता है, जिससे मन में नेक काम करने और बुराइयों से बचने की सीख देता है।
रमज़ान का रोज़ा इंसान को एक बेहतर, अनुशासित और दयालु इंसान बनने की सीख देता है।
इस दौरान मौजूद रहे हाफिज नूर आलम हाफिज कलीम हाफिज अर्श हाफिज जसीम हाफिज इमरान अयान खान फरीद शाह दानिश जैकर अबू अजहरी फसीह खान सलमान अली सद्दाम अली अनीस कुरैशी अहसान सिद्दीकी फ़ैशल अली सलमान पठान एहतिशाम बाबा सलीम खान वसीम खान अयाज कुरैशी इमरान अली खालिद खान इमरान मोटा अतीक अहमद शाद अहमद इनायत अली वसीम खान ताहिर खान गुफरान खान फरहान खान आदिल भाई आदि











