
कानपुर देहात इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सुरक्षित इंटरनेट दिवस विषय “स्मार्ट टेक, सेफ चॉइसेज के अंतर्गत देशभर में सुरक्षित, जिम्मेदार एवं नैतिक डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में एक व्यापक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जीवन के लगभग हर क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट जहां एक ओर सुविधा एवं विकास का माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से साइबर अपराध, आर्थिक ठगी एवं सामाजिक नुकसान की संभावनाएं भी बढ़ी हैं, इसलिए सतर्कता एवं समझदारी के साथ तकनीक का उपयोग करना समय की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी वेबसाइट व लिंक, साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी, फेक न्यूज, डीपफेक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल अथवा संदेशों से सावधान रहें तथा अपनी व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। कार्यशाला के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग एवं साइबर स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसमें मजबूत एवं अद्वितीय पासवर्ड का प्रयोग, नियमित रूप से पासवर्ड बदलने की आवश्यकता, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता सेटिंग्स को सुदृढ़ रखने, सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल भुगतान के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा बच्चों के लिए पैरेंटल कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। इस हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल बलइमतबतपउम.हवअ.पद के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे समय रहते आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि आम नागरिक सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की आदतें विकसित कर सकें। उन्होंने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में आधिकारिक डिजिटल प्रणालियों के सुरक्षित उपयोग, डेटा संरक्षण एवं संवेदनशील सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं नैतिक इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलाई गई तथा यह संदेश दिया गया कि तकनीक का सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग ही एक सशक्त, सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से जागरूक समाज के निर्माण का आधार है।
इसी क्रम में पी0एम0श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मे जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विकास गुप्ता एवं पी0एम0श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कुमार मिश्रा द्वारा छात्रों को साइबर क्राइम एवं सुरक्षित इंटरनेट के प्रयोग के बारे में जागरूक किये जाने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मजबूत एवं अद्वितीय पासवर्ड का प्रयोग, नियमित रूप से पासवर्ड बदलने की आवश्यकता, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता सेटिंग्स को सुदृढ़ रखने, सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल भुगतान के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा बच्चों के लिए पैरेंटल कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा भी की गई।











