कानपुर देहात शाहजहांपुर भोगनीपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने अकबरपुर लोकसभा पूर्व सांसद राजा राम पाल जी पहुंचे। इस मौके पर सांसद जी ने कहा कि कथा सुनने से ज्ञान के साथ मन को शांति मिलती है। श्रीमद्भागवत की कथा सुनना देवताओं को भी दुर्लभ है। यह भागवत की कथा भगवान की कृपा से प्राप्त हो पाती है। फाल्गुन मास में यह अवसर ग्राम वासियों को मिला है जिसमें श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा भगवान की प्राप्ति कराने वाली है। यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की और आगे बढ़ाती है। और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद्भागवत में भक्तों की ऐसी दिव्य कथाएं हैं जिनको सुनकर हृदय में भक्ति का उदय होता है और साथ ही साथ मनुष्य के जीवन में सुधार होता है। वह मनुष्य अपना जीवन तभी पूर्ण कर सकता है जब वह भगवान की भक्ति करेगा। प्रत्येक गांव में कथा का आयोजन होना चाहिए। साथ में इसका अनुश्रवण अपने जीवन में करने की आवश्यकता है। श्रीमद्भागवत में गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग सुनाते हुए गौरव कृष्ण जी महाराज ने कहा श्रीमद्भागवत की कथा सात दिन का एक ऐसा आयोजन है। जिसमें सात सौपान है जिनके माध्यम से एक.एक करके हम प्रत्येक सोपान पर बढ़ते जाते हैं। अंत में अपने जीवन का लक्ष्य जान जाते हैं। धुंधकारी ने बांस में बैठकर पूरा चिंतन करके श्रीमद्भागवत की कथा सुनी इसलिए उसकी मुक्ति हो गई। कथा को सुनने से ही कल्याण नहीं होगा इस पर चिंतन करना आवश्यक है। जितनी भी अच्छी बातें हैं वह संसार में लिखी जा चुकी है। अब केवल बचा है उनको पालन करना । कथा में भोगनीपुर क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु पहले उपस्थित हुए जिससे पांडाल भरा रहा। कथाओं को सुनकर लोग आनंदित हुए और भाव विभोर हो गए।











