कानपुर देहात जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत निर्वाचक नामावली को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाए रखने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि निर्वाचक नामावली में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नाम जोड़ने, नाम विलोपन एवं संशोधन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। नाम विलोपन (Deletion) की कार्यवाही के अंतर्गत मतदाता सूची से ऐसे नाम हटाए जाने हैं, जो मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, दोहराव अथवा लंबे समय से अनुपस्थित होने के कारण अमान्य हो चुके हैं, जिसके लिए आवेदन केवल फॉर्म–7 के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि फॉर्म–6, फॉर्म–7 एवं फॉर्म–8 को पूर्णतः नियमानुसार भरवाया जाए तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जाए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि फॉर्म–06 के अंतर्गत नवीन मतदाता पंजीकरण हेतु मान्य 13 प्रकार के पात्रता प्रमाण पत्रों में से कोई भी प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिनमें आधार कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर द्वारा जारी पासबुक, राशन कार्ड, नगर निकाय अथवा सक्षम स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र, केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त निकाय द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, पेंशन आदेश अथवा पेंशन संबंधी अभिलेख, नगर निगम या ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त विद्यालय अथवा महाविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र या अंकपत्र तथा परिवार रजिस्टर (कुटुम्ब रजिस्टर) की नकल सम्मिलित हैं। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परिवार रजिस्टर की नकल सुगमता से उपलब्ध कराई जाए, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाई न हो। उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 08 फरवरी 2026 तक कुल 35782 फार्म-6, 786 फार्म-7 एवं 5432 फार्म-8 प्राप्त हुए हैं। बैठक में बताया गया कि प्राप्त सभी दावे एवं आपत्तियों की जांच निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियमानुसार की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा और उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत ही निष्पक्ष एवं विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा। प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावे एवं आपत्तियों की सूची निर्धारित प्रारूप में प्रकाशित कर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि सामूहिक (Bulk) रूप से प्रस्तुत आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे तथा केवल व्यक्तिगत (Individual) आवेदन ही मान्य होंगे, हालांकि परिवार के एक से अधिक सदस्यों से संबंधित मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में सुनवाई अथवा निस्तारण की प्रक्रिया में अनावश्यक शिथिलता परिलक्षित हो रही हो, उसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। अंत में आम नागरिकों से अपील की गई कि वे निर्वाचक नामावली की शुद्धता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें तथा नाम जोड़ने, नाम विलोपन अथवा संशोधन की आवश्यकता होने पर सही तथ्यों एवं आवश्यक प्रमाणों के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करें, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे और निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य सहित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों में समाजवादी पार्टी से शेखू खान, कांग्रेस पार्टी से गोविंद यादव, बहुजन समाज पार्टी से युवराज सिंह, कम्युनिस्ट पार्टी से रामऔतार भारती, बीएसपी से आशुतोष गौतम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।











