कानपूर देहात एक ओर तो सरकार गाय की सुरक्षा देखभाल और गौशाला बनाने की बात करती है और किसान हितैषी होने की बात करती है वहीं दूसरी ओर पूरी की पूरी सरकारी मशीनरी लीपापोती करके सिर्फ कागजों में काम करके बड़े बड़े घोटाले कर जाती है इसका उदाहरण आज रूरा की नहर में देखने को मिला जब एक गाय नहर में मृत अवस्था में पड़ी मिली नहर में पानी बह रहा है और इलाज के अभाव में नहर में गाय मर गई मगर इसकी सुध न तो अभी नहर विभाग ने ली और न ही इसकी सुध पशुधन विभाग द्वारा ली गई । जब टीम जनसंदेश ने वहां ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि गौशाला के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती आवारा पशु उनकी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं जब कोई पशु किसी दुर्घटना में घायल हो जाता है तो उनके इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं की जाती है जिससे पशु सार्वजनिक जगह या खेत में मृत हो जाता है और आम जनमानस और किसानों का बदबू की वजह से वहां से निकलना दूभर हो जाता है जैसे नहर में गाय मृत पड़ी है जिससे पानी दूषित हो रहा है
और किसानों को बहुत मुश्किल का सामना करना पड़











