
ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का दिया गया प्रशिक्षण
न अफवाह फैलाएँ, न फैलाने दें
सायरन की आवाज से घबराएँ नहीं – एडीएम
कानपुर देहात, जिलाधिकारी/नियंत्रक नागरिक सुरक्षा कोर कानपुर देहात कपिल सिंह के निर्देशानुसार तथा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) / उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली ब्लैक आउट मॉक ड्रिल को सफल बनाए जाने हेतु आज दूसरे दिन अकबरपुर महाविद्यालय, अकबरपुर में नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों, एनसीसी, पीआरडी, एनएसएस तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण लखन कुमार शुक्ला (मुख्य प्रशिक्षक, आपदा प्रबंधन) एवं अश्वनी वर्मा (आपदा विशेषज्ञ) द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ब्लैक आउट ऐसी स्थिति में किया जाता है जब किसी क्षेत्र में हवाई हमले की आशंका हो। ऐसे समय में नागरिकों को सरकारी सायरन, अलार्म, रेडियो अथवा टीवी के माध्यम से जारी निर्देशों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रशिक्षण में अवगत कराया गया कि सायरन बजने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तुरंत सुरक्षित स्थान जैसे बंकर, तहखाना या घर का सबसे मजबूत कमरा—बाथरूम अथवा सीढ़ियों के नीचे—में शरण लेनी चाहिए। खिड़कियों एवं शीशों से दूर रहें तथा खिड़की-दरवाजे बंद रखें। यदि संभव हो तो खिड़कियों पर टेप लगाकर कांच से होने वाली क्षति को कम किया जाए।
साथ ही पेट के बल जमीन पर लेटकर सिर को हाथों से ढकने, दीवार या भारी वस्तु की आड़ लेने की सलाह दी गई। आपातकालीन किट में पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक उपचार सामग्री, आवश्यक दवाइयाँ, टॉर्च, रेडियो, महत्वपूर्ण दस्तावेज व पहचान पत्र रखने पर जोर दिया गया। बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा देने तथा उन्हें मानसिक रूप से शांत रखने की अपील की गई। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि खतरा टलने की आधिकारिक सूचना मिलने तक बाहर न निकलें तथा यदि सुरक्षित हो तो पड़ोसियों, दिव्यांगों व अकेले व्यक्तियों की सहायता करें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, विद्युत विभाग, अग्निशमन एवं आपदा सेवा, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग एवं पीआरडी की टीमों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, एनसीसी 59 बटालियन के कैडेट, एनएसएस की टीम सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।











