कानपुर देहात, जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में आईजीआरएस से संबंधित शिकायतों के प्रभावी निस्तारण हेतु महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मॉ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में आईजीआरएस, माननीय मुख्यमंत्री संदर्भ, सीएम हेल्पलाइन, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ तथा तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर कोई भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में न आने पाए, इसके लिए अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया केवल औपचारिक न होकर वास्तविक एवं संतोषजनक होनी चाहिए। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संवाद स्थापित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या को समझते हुए उसका समुचित समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मांग श्रेणी से संबंधित शिकायतों को नियमानुसार ‘मांग’ की श्रेणी में ही प्रदर्शित किया जाए, जिससे शिकायतों का वर्गीकरण स्पष्ट एवं पारदर्शी बना रहे। साथ ही, सभी निस्तारित शिकायतों में फोटोग्राफ, वीडियो अथवा अन्य ग्राफिक साक्ष्य (एविडेंस) अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं, ताकि निस्तारण की सत्यता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसका उद्देश्य आमजन को त्वरित एवं न्यायसंगत राहत प्रदान करना है। अतः सभी अधिकारी इस प्रणाली को अत्यंत गंभीरता से लें और जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का परिचय दें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिग्विजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके सिंह, उप जिलाधिकारी अकबरपुर, उपायुक्त उद्योग सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।










