पुखरायां, कानपुर देहात 
आज नगर पालिका परिषद पुखरायां में अपने बचपन के मित्र समाजसेवी शतीश चंद्र मिश्र के निधन की सूचना पर रिश्तों की गर्माहट और दशकों पुरानी दोस्ती का मान रखने के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज पुखरायां की गलियों में एक आम मित्र की तरह पहुँचे। अपने सबसे करीबी और अभिन्न मित्र स्वर्गीय सतीश मिश्र के निधन की सूचना पर वे शोक व्यक्त करने और परिजनों को ढांढस बंधाने उनके निवास स्थान पहुँचे। जैसे ही पूर्व राष्ट्रपति ने मित्र के द्वार पर कदम रखा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें इस गहरी दोस्ती को देखकर नम हो गईं।
पूर्व राष्ट्रपति ने सतीश मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोक संतप्त पुत्रों शांतनु मिश्रा, शंकुल मिश्रा और गौरव मिश्रा को गले लगाकर सांत्वना दी और उन्हें धैर्य रखने का संबल प्रदान किया। उन्होंने परिजनों से बात करते हुए सतीश मिश्र के साथ बिताए दशकों पुराने पलों को याद किया और कहा कि सतीश उनके केवल मित्र नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा थे।
पूर्व राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पुखरायां को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा की कमान इंस्पेक्टर सीमा सिंह, थानाध्यक्ष कालीचरण, उपनिरीक्षक सुमन दीक्षित और कांस्टेबल रमा देवी सहित भारी पुलिस बल संभाले हुए थे। इस भावुक क्षण में विधायक महेश त्रिवेदी, विनोद कटियार, पूर्व वन अधिकारी संतोष त्रिपाठी और ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश नारायण दीक्षित भी उपस्थित रहे।।
साथ ही विनोद कुमार मिश्रा, अनुज अग्निहोत्री, डॉ. जय गोयल, अमित, सुनीत और मैनेजर गौरव मिश्रा सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने भी पूर्व राष्ट्रपति की मौजूदगी में दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व राष्ट्रपति का यह दौरा साबित कर गया कि पद और प्रतिष्ठा से ऊपर उठकर सच्ची मित्रता की जड़ें कितनी गहरी होती हैं
अमन तिवारी
पुखरायां, कानपुर देहात।।










