कानपुर महानगर बर्रा विश्व बैंक ए ब्लॉक में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का आज पंचम दिवस भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला और कथा का महत्व बताया गया । कथा वाचक ने श्रद्धालुओं से भक्ति के मार्ग पर चलने की अपील की बताया कि माता पिता से चरणों से बड़ा और कोई तीर्थ नहीं है पं प्रीतिका तिवारी जी ने बताया भागवत कथा श्रवण करने से जीवन में सुख शांति का समावेश होता है धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है इसलिए इस कथा का सुनने का शुभ अवसर सभी को नहीं छोड़ना चाहिए ।
कथा व्यास ने माता पिता की सेवा का महत्व बताते हुए कहा जिसने भी माता-पिता की निस्वार्थ भाव से सेवा करली समझलो उनसे सभी तीर्थों की यात्रा करली माता पिता के चरणों में ही तीर्थ है कथा व्यास ने बताया कि एक बार व्रज वासियों ने इंद्र की पूजा छोड़कर गोवर्धन की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। गर्व दूर करने के लिए भगवान ने व्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी । गुस्साए इंद्र ने व्रज मंडल पर भारी बरसात कराई प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठका उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का अहसास हुआ कथा पंडाल में उपस्थित महिलाएं अपने आपको थीकरने से नहीं रोक पाई और प्रभु भक्ति में जमकर झूमि मौजूद आचार्य पुनीत जी, अखिल दुबे, रवि जी, रोहित जी, ज्ञानु जी











