विकासखंड महेवा के ए डी ओ पंचायत हरेंद्र सिंह व सचिव भगवती सोनी ने संयुक्त रूप से जांच की
अन्ना गोवंशों की सूचना किसान तत्काल प्रशासन व नगर पालिका या ग्राम पंचायत को दे
कालपी (जालौन)! कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम लंगरपुर में गायों द्वारा किसानों की फसलें चर जाने से संबंधित प्रकाशित समाचार पूरी तरह से झूठा, भ्रामक एवं मनगढ़ंत पाया गया है। इस मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई, जिसमें खबर में दर्शाए गए तथ्यों की पुष्टि नहीं हो सकी।
उपजिलाधिकारी कालपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि समाचार प्रकाशित होने के उपरांत राजस्व विभाग विकास खंड महेवा की सयुक्त की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों, किसानों एवं जनप्रतिनिधियों से बातचीत की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी किसान की फसल को गायों द्वारा कोई क्षति नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के इस प्रकार की खबरें प्रकाशित करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे जनमानस में भ्रम फैलता है।
उपजिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र में यदि कहीं अन्ना गौवंश घूमते पाए गए थे, तो उन्हें तत्काल सुरक्षित रूप से कालपी नगर पालिका परिषद की गौशाला में शिफ्ट करा दिया गया है। प्रशासन किसानों की फसलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
इस संबंध में ग्राम प्रधान पवन दीप निषाद ने भी अपना बयान देते हुए कहा कि “ग्राम लंगरपुर में गायों द्वारा फसल चरने की खबर पूरी तरह असत्य है। गांव में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में भी यह साफ हो गया है कि खबर मनगढ़ंत है। अन्ना गौवंशों को पहले ही गौशाला में भेज दिया गया है और किसानों की फसलें पूरी तरह सुरक्षित हैं।”
ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई समस्या हो तो सीधे ग्राम पंचायत या प्रशासन को अवगत कराएं।
प्रशासन एवं ग्राम पंचायत दोनों ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अन्ना पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।











