आनन्दी देवी समिति ने समाजसेवियों व पालिका प्रशासन बेसहारा पशुओं की सहायता की अपील की
कालपी (जालौन) भीषण ठंड और घने कोहरे तथा लगातार चल रही शीतलहर ने जनजीवन के साथ बेसहारा पशु ओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। तापमान में लगातार गिरावट के कारण जहां लोग घरों में रहने को मजबूर हैं वहीं सड़कों चौराहों और सार्वजनिक स्थालों पर रहने वाले बेसहारा पशु सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं । ठंड से बचने के लिए इन पशु ओं को कई स्थानों पर अलाव के पास सिमटे हुए देखा जा रहा है।
सरकार और समाजसेवी संस्थाएं तथा समाज सेवी गणमान्य जन लोगों को तो कम्बल बांट रहे हैं सरकार भी रैन बसेरा में लोगों को सर्दी से बचाने के लिए तमाम इंतजाम कर रही है गौशाला ओं में भी अलाव आदि के प्रबन्ध कर रही है पर अफशोश सड़कों पर फिर रहे गोवंश कुत्ता आदि पशु ओं के लिए कोई कुछ नहीं कर रहा है आखिर ए भी तो जीव हैं ।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख चौराहा बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों के आसपास देर शाम होते ही बेसहारा गाय बैल कुत्ते और अन्य पशु अलाव की गर्मी पाने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं। खुले आसमान के नीचे रह रहे इन पशुओं के पास ना तो गर्म कपड़ों की सुविधा है और न ही सुरक्षित आश्रय। ठंडी हवाओं और पाले के कारण कई पशु बीमार पड़ रहे हैं। जिससे उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय ठंड और बढ़ जाती है जिससे बेसहारा पशु पूरी रात अलाव के सहारे काटते हैं। कई बार अलावा बुझ जाने पर पशु फिर से ठंड से कांपते हुए देखे जाते हैं। पशु चिकित्सकों ने बताया कि अत्यधिक ठंड के कारण पशुओं में सर्दी खांसी निमोनिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है। पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि ठंड के इस मौसम में बेसहारा पशुओं के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं । उन्होंने प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था अस्थाई पशु आश्रय स्थल भूसा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की अपील की है। पशु प्रेमियों ने नगर निकायों से इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने का भी आग्रह किया है। ताकि पशुओं को वास्तविक राहत मिल सके । नगर की धार्मिक संस्था श्री आनन्दी देवी समिति के द्वारा स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि इस भीषण ठंड में वे अपने स्तर पर भी उक्त बेसहारा पशुओं की सहायता करें थोड़ी सी कोशिश और सहयोग से इन पशुओं को भीषण ठंड से बचाया जा सकता है।











