पुखरायां कानपुर देहात।। आज जनपद कानपुर देहात की भोगनीपुर पुलिस ने कलीम कुरैशी हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए उसकी पत्नी और सगे भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और बाद में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।।
बीती सत्ताईस दिसंबर दो हजार पच्चीस की रात कस्बा अमरौधा में कलीम कुरैशी का शव उसके घर में लहुलुहान हालत में मिला था। पत्नी समा परवीन ने इसे आत्महत्या बताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। हालांकि, पुलिस को शुरुआत से ही मामला संदिग्ध लग रहा था। पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देशन में गठित टीम ने जब कॉल डिटेल (CDR) और परिस्थितियों की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं।।
कर्ज से शुरू हुई प्रेम कहानी और फिर कत्ल का षड्यंत्र
पूछताछ में सामने आया कि कलीम का भतीजा समर समीम उर्फ चांदबाबू अक्सर अपने चाचा के घर आता-जाता था। कलीम के बच्चों के इलाज के लिए समर ने करीब सत्तर हजार रुपये उधार दिए थे। इसी दौरान समर और उसकी चाची समा परवीन के बीच प्रेम संबंध बन गए।
कलीम को जब इस बात का शक हुआ तो उसने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया और पहरा बढ़ा दिया। अपने प्रेम में बाधा बनता देख दोनों ने कलीम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
वारदात की रात का सत्ताईस दिसंबर को एक वैवाहिक कार्यक्रम से लौटने के बाद कलीम शराब के नशे में था। इसी दौरान समा ने फोन कर समर को घर बुलाया।
जैसे ही समर घर पहुंचा, कलीम ने विरोध किया।।
हत्या: हाथापाई के दौरान समा परवीन ने अपने पति के हाथ कसकर पकड़ लिए, जबकि भतीजे समर ने चाकू से कलीम का गला रेत दिया।
हत्या के बाद समर ने खून से सना चाकू कलीम के बाएं हाथ में रख दिया ताकि यह आत्महत्या लगे। अगली सुबह पत्नी ने शोर मचाया कि कलीम ने खुदकुशी कर ली है।
पुलिस की कार्रवाई में मुख्यरूप से भोगनीपुर कोतवाली प्रभारी अमरेन्द्र बहादुर सिंह की टीम ने मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार अभियुक्त: समर समीम (तेईस वर्ष) और समा परवीन (उनतीस वर्ष)। को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना चाकू बरामद कर लिया है। साथ ही अभियुक्त के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे भी अहम सबूत के तौर पर मिले हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की सफलता में इंस्पेक्टर अमरेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा, अमित पोरवाल और महिला उपनिरीक्षक सुमन दीक्षित की मुख्य भूमिका रही।










