चौपालों के दौरान प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिक स्तर पर मौके पर ही किया जाए निस्तारण
कानपुर देहात, शासन की मंशा के अनुरूप सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर के अंतर्गत जनपद कानपुर देहात में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसमस्याओं के समाधान हेतु कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन0, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सुशासन सप्ताह का मूल उद्देश्य प्रशासन को गांव एवं आमजन के और अधिक निकट लाना है, ताकि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपालों का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाए तथा चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि चौपालों में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे—आवास, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुपालन सहित अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी आमजन को दी जाए। इसके साथ ही लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक अभिलेखों के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे स्वयं भी योजनाओं से जुड़ सकें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि चौपालों के दौरान प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिक स्तर पर मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जटिल प्रकरणों को संबंधित विभागों के माध्यम से समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक ढंग से निस्तारित किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासनिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक रूप से पिछड़े वर्गों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पोर्टल एवं वेबसाइटों जैसे ऑनलाइन शिकायत निवारण, सेवा प्राप्ति, प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास एवं अन्य सेवाओं के संबंध में जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल जागरूकता बढ़ने से पारदर्शिता आएगी तथा प्रशासन एवं जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आयोजित प्रत्येक चौपाल की फोटो एवं वीडियो का विधिवत अभिलेखीकरण कर संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, जिससे शासन स्तर पर निरंतर निगरानी एवं मूल्यांकन संभव हो सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चौपालों में की गई कार्यवाही का विवरण नियमित रूप से उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए। कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी द्वारा विभागवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुशासन सप्ताह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर जनता की अपेक्षाओं को समझने और उन्हें वास्तविक लाभ पहुंचाने का अवसर है। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों को यह संकल्प दिलाया गया कि सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनपद के प्रत्येक गांव और प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंच सके। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके सिंह, डीडीओ सुनील कुमार तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।











