न्यायमूर्ति समित गोयल द्वारा मां सरस्वती जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दीप प्रचलित का राष्ट्रीय लोक अदालत का किया शुभ आरंभ

कानपुर देहात।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, 

 

कानपुर देहात राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में प्राशसनिक न्यायमूर्ति श्री समित गोपाल द्वारा जनपद न्यायालय परिसर कानपुर देहात में माँ सरस्वती जी की मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप-प्रज्वलन कर राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन की विशेष लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया, जिसमें  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री रवीन्द्र सिंह के निर्देशन में व श्रीमती कल्पना, प्रधान अदालत का शुभारम्भ, परिवार न्यायालय कानपुर देहात तथा श्रीमती शाज़िया नज़र जैदी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कानपुर देहात व समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिलाधिकारी, कानपुर देहात, मुख्य चिकित्साधिकारी कानपुर देहात, अपर पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात/नगर, अपर जिला अधिकारी कानपुर देहात एवं अधिवक्तागण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री हिमांशु कुमार सिंह, अपर जिला जज/नामित सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात व श्रीमती रवीना, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय,कानपुर देहात द्वारा किया गया। कार्यक्रम में माननीय प्राशसनिक न्यायमूर्ति  द्वारा अधिक से अधिक वादों के निस्तारण हेतु दिशा-निर्देश दिये गये एवं लोक अदालत को सफल बनाने हेतु सभी अधिकारियों व अधिवक्ताओं को निर्देश दिया गया।

श्री रवीन्द्र सिंह,  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात द्वारा 11 वाद लगाये गये तथा 02 वादों का निस्तारण किया गया एवं रुपये 1,97,424/- की क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
श्रीमती कल्पना, प्रधान न्यायाधीश, प्रधान पारिवारिक न्यायालय, कानपुर देहात द्वारा 133 वाद लगाये गये, जिसमें से कुल 109 वादों का निस्तारण किया गया तथा 16 वैवाहिक जोड़ों को साथ- साथ रहने हेतु विदा किया गया।
श्रीमती शाज़िया नज़र जैदी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कानपुर देहात द्वारा 150 वाद लगाये गये, जिसमें से कुल 122 वादों का निस्तारण किया गया एवं रुपये 11,90,84,518/- की क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
श्री रजत सिन्हा, अपर जिला जज प्रथम/नोडल अधिकारी लोक अदालत, कानपुर देहात द्वारा 13 वाद लगाये गये तथा 03 वादों का निस्तारण किया गया।
श्रीमती पारुल श्रीवास्तव, अपर जिला जज तृतीय, कानपुर देहात द्वारा 27 वाद लगाये गये तथा 02 वादों का निस्तारण किया गया।
श्री अजय कुमार सिंह-II, अपर जिला जज चतुर्थ, कानपुर देहात द्वारा 318 वाद लगाये गये तथा 302वादों का निस्तारण किया गया ।
सुश्री पूनम सिंह, अपर जिला जज पंचम, कानपुर देहात द्वारा 16 वाद लगाये गये तथा 04वादों का निस्तारण किया गया एवं रुपये 1,000/- की वसूली की गयी।
श्रीमती अपर्णा त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- सप्तम् द्वारा 26 वाद लगाये गये तथा 12 वादों का निस्तारित किया गया एवं रुपये 15,00/- की वसूली की गयी।
श्री पीयूष तिवारी- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-14 (पाॅक्सो) द्वारा 03 वाद लगाये गये तथा 01 वाद का निस्तारण किया गया।
श्री सुरेन्द्र सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफ.टी.सी. -प्रथम द्वारा 11 वाद लगाये गये तथा 06 वाद निस्तारित किया गया व रुपये 3,300/- की वसूली की गयी।
श्री आनन्द प्रिय गौतम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफ.टी.सी.- द्वितीय द्वारा 30 वाद लगाये गये तथा 02 वाद का निस्तारण किया गया।
श्री रणविजय सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 10246 वाद लगाये गये तथा 3461 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 30,64,00/- की वसूली की गयी।
श्रीमती अर्चना तिवारी-II, सिविल जज(सी.डि.) द्वारा 47 वाद लगाये गये तथा 12 वाद निस्तारित किये गये।
श्री तरुण कुमार अग्रवाल, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट- प्रथम द्वारा 1430 वाद लगाये गये तथा 1430 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 26,835/- की वसूली की गयी।
श्रीमती नुपुर श्रीवास्तव, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट- द्वितीय द्वारा 3373 वाद लगाये गये तथा 685 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 18,000/- की वसूली की गयी।

श्री अर्नब राज चक्रवर्ती, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट- तृतीय द्वारा 475 वाद लगाये गये तथा 475 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 37,700/- की वसूली की गयी।
श्री अंकित कुमार विहान, सिविल जज(सी.डि.) तृतीय द्वारा 704 वाद लगाये गये तथा 704 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 7350/- की वसूली की गयी।
श्रीमती यशा शर्मा, जज(जू.डि.) द्वारा 17 वाद लगाये गये तथा 09 वाद निस्तारित किये गये व रुपये 593095- की क्षतिपूर्ति प्रदान की गयी।
श्री अंकुर सिंह सोलंकी, न्यायिक मजिस्ट्रेट- प्रथम द्वारा 629 वाद लगाये गये तथा 622 वाद निस्तारित किये गये व रुपये 10,150/- की क्षतिपूर्ति प्रदान की गयी।
श्रीमती रवीना, न्यायिक मजिस्ट्रेट- द्वितीय द्वारा 767 वाद लगाये गये तथा 704 वाद निस्तारित किये गये व रुपये 7,600/- की क्षतिपूर्ति प्रदान की गयी।
श्री दीपक कुमार, जज(जू.डि.-II) द्वारा 510 वाद लगाये गये तथा 406 वाद निस्तारित किये गये व रुपये 9,950- की क्षतिपूर्ति प्रदान की गयी।
श्री सुनील कुमार गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय, भोगनीपुर द्वारा 895 वाद लगाये गये तथा 620 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 9,350/- की वसूली की गयी।
श्री धर्मेन्द्र सिंह यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय, घाटमपुर द्वारा 361 वाद लगाये गये तथा 361 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 11,700/- की वसूली की गयी।
श्री विकास कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट, ग्राम न्यायालय, बिल्हौर द्वारा 103 वाद लगाये गये तथा 100 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 500/- की वसूली की गयी।
कार्यालय- स्थायी लोक अदालत द्वारा 12 वाद लगाये गये तथा 05 वाद निस्तारित किये गये एवं रुपये 5,00,000/- की क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
आज ही आर्बिट्रेशन की भी विशेष लोक अदालत आयोजित कि गयी, जिसमें 30 वाद लगाये गये एवं 03 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें कुल रुपया 197424/- की वसूली की गयी।
जनपद में संचालित बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा रिकवरी के 12778 वाद लगाये गये जिसमें से 1348 वादों का निस्तारण करते हुए कुल रुपया 13,12,00,000/- बैंक रिकवरी की गयी।
आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में कानपुर देहात के समस्त 06 तहसीलों द्वारा अपनी-अपनी तहसीलों में लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें राजस्व एवं अन्य प्रकृति के वादों को निस्तारण हेतु लगाया गया, जिसमें कानपुर देहात की समस्त 06 तहसीलों द्वारा 13722 वाद लगाये गये तथा 13722 वादों का निस्तारण किया गया तथा जनपद न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आने वाली जनपद कानपुर नगर की 02 तहसील घाटमपुर द्वारा 6582 व बिल्हौर द्वारा 9384 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार समस्त तहसीलों से द्वारा 29688 वादों का निस्तारण किया गया।

इस प्रकार आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक विवादों से सम्बन्धित घरेलू हिंसा, व्यवहारिक वाद, उत्तराधिकार वाद, राजस्व वाद तथा लघु फौजदारी, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य लंबित वादों का निस्तारण करते हुए कुल 2,51,786 वाद निस्तारित किये गये तथा रुपये 25,20,41,622/- की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूल की गयी व क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, श्री रवीन्द्र सिंह के सफल निर्देशन एवं हिमांशु कुमार सिंह अपर जिला जज/नामित सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात के कुशल संचालन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया, माननीय माननीय प्राशसनिक न्यायमूर्ति, कानपुर देहात द्वारा समस्त बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं के पण्डालों में पहुंचकर एवं समस्त विभागों में व्यक्तिगत रूप से जाकर यथोचित दिशा-निर्देश दिये गये। जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सका।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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