जनपद कानपुर देहात द्वारा जैनपुर मन्दिर में लगे मेले में अश्लील गाना गाकर भद्दे-भद्दे इशारे करना, जिससे आने जाने वाली महिलाओं व आम जनमानस को शर्मिन्दगी महसूस करने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत किया गया । जिसमें आज दिनांक 10/12/2025 को अभियुक्त गोविन्दा पुत्र राजू उपरोक्त द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर माननीय न्यायालय जे0एम0 भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा दोष सिद्ध करते हुए न्यायालय उठने तक की सजा एवं 500 /- रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
घटना का विवरण–दिनांक 20.09.2025 को अभियुक्त गोविन्दा पुत्र राजू उपरोक्त द्वारा जैनपुर मन्दिर में लगे मेले में अश्लील गाने गाकर भद्दे-भद्दे इशारे करना, जिससे आने जाने वाली महिलाओं व आम जनमानस को शर्मिन्दगी महसूस करने के सम्बन्ध में थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 70/2025 धारा 296 बीएनएस बनाम गोविन्दा पुत्र राजू निवासी ग्राम कमलपुर थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया ।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही-
विवेचक द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वादी व गवाहन द्वारा वास्तविक तथ्यों के आधार पर व गवाही देने के आधार पर साक्ष्य संकलन कर विवेचना निस्तारित कर मुकदमे में अभियुक्त गोविन्दा पुत्र राजू उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 20.09.2025 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया । माननीय न्यायालय में पेश किये गये साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त गोविन्दा पुत्र राजू उपरोक्त को दोषी ठहराया गया ।
आम जनमानस को त्वरित न्याय एवं अपराधी को सजा दिलाये जाने हेतु ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं, इसी क्रम में थाना राजपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन व मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत एवं प्रभावी पैरवी करते हुए सही तथ्यों पर गवाहन की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष करायी गयी ।
न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय-
माननीय न्यायालय जे0एम0 भोगनीपुर , जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 10.12.2025 को अभियुक्त गोविन्दा पुत्र राजू निवासी ग्राम कमलपुर थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर दोष सिद्ध करते हुए न्यायालय उठने तक की सजा एवं 500/-रुपये के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड़ अदा न करने पर अभियुक्त गोविन्दा उपरोक्त को 01 सप्ताह का साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी । यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











