कालपी (जालौन) बहुदेशीय प्राथमिक सहकारी समिति बाबई की वार्षिक निकाय बैठक समिति परिसर में सम्पन्न हुई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि सहकारिता किसानों की आर्थिक प्रगति का मजबूत माध्यम है। तथा प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और गति मिल रही है।
वुधवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. जादौन ने बताया कि राठौर के नेतृत्व में सहकारी समितियों में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण, भ्रष्टाचार नियंत्रण और सदस्य वृद्धि जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार सफलतापूर्वक लागू किए जा रहे हैं। किसानों को समय पर खाद-बीज वितरण, पैक्स का आधुनिकीकरण, ई-टेंडरिंग, तथा सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को सरल बनाना—इन सभी प्रयासों से ग्रामीण विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता की मजबूती से ही किसानों का विश्वास बढ़ेगा और गांवों में आर्थिक स्वावलंबन स्थापित होगा।
बैठक में अपर जिला विकास अधिकारी (सहकारिता) कालपी राम कुमार सिंह ने कहा,सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और समितियों की पारदर्शी कार्यप्रणाली से ही किसानों का भरोसा बढ़ता है। हमारा प्रयास है कि सहकारी समितियाँ और अधिक सक्षम व किसान-हितैषी बनें।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जे.पी. गौतम ने अपने वक्तव्य में कहा,सहकारी समितियाँ गांव के बहुआयामी विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। समिति जितनी मजबूत होगी, किसानों को उतना अधिक प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। ऐसे आयोजन ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में सहायक हैं।
जिला सहकारी विकास फेडरेशन के संचालक पवन सिंह चौहान, अखिलेश तिवारी मिनौरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्याम कारन प्रजापति ने उपस्थित किसानों को सम्बोधित किया
कार्यक्रम में समिति के संचालक रणजीत सिंह, तेजपाल, शिवराम, वसीर अहमद, लक्ष्मण सिंह, सुरेश, रमेशचन्द्र, शीलू चौहान, राजेश दूरबार, सचिव जितेन्द्र साहू,प्रदुम्न सिंह एवं रामनरेश सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।बैठक में वार्षिक आय-व्यय विवरण, सदस्य वृद्धि, कृषि इनपुट वितरण, समिति के आधुनिकीकरण तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन राम कुमार सिंह जादौन के द्वारा किया गया।











