अकबरपुर एवं अमरौधा ब्लॉक में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्लाक टास्कफोर्स की त्रैमासिक बैठक का आयोजन।

कानपुर देहात

जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश के क्रम में एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में, जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में आज  को खण्ड विकास अधिकारी की अध्यक्षता, में ब्लॉक अकबरपुर एवं अमरौधा के सभागार में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की बैठक का आयोजन किया गया बैठक में सभी सम्मानित सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
सभागार में सर्वप्रथम खण्ड विकास अधिकारी द्वारा मिशन वात्सल्य योजनान्तर्गत ब्लाक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक के उद्देश्य की जानकारी दी गई ,सभागार मे उपस्थित समिति के अध्यक्ष/सदस्य/समस्त आंगनवाडी कार्यकत्रियो/समूह की महिलाओं को बताया गया कि जनपद में 0 से लेकर 18 वर्ष से कम आयु के शिशु/बालक/बालिका हेतु बाल संरक्षण के सशक्त संरक्षणात्मक परिवेश का निर्माण, उचित पालन-पोषण करने, परिवार की देखरेख पाने, प्रतिष्ठा के साथ रहने, बच्चों को हिंसा एवं दुर्व्यवहार से बचाने के उद्देश्य एवं मुख्य चार बिन्दुओं स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं सुरक्षा हेतु समस्त ग्राम/वार्ड/ब्लाक में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया गया है, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम) 2015 नियमावली 2016 के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बच्चों को सुरक्षात्मक वातावरण के विषय में तथा ग्राम सभा स्तर पर गठित ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से समस्त ग्राम सभाओं के परिवारांे को जागरूक किये जाना व समितियों द्वारा बाल अपराध को रोकने, मानव तस्करी, व बैठक में उपस्थित सभी को प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा की विस्तृत जानकारी दी गयी।
’’मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत ’’ ऑपरेशन मुक्ति ( बाल विवाह मुक्त भारत): बाल विवाह तथा बाल श्रम के विरूद्व 10 दिवसीय वृहद अभियान के तहत जागरूकता हेतु श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव जिला मिशन समन्वयक द्वारा बताया कि ऑपरेशन मुक्ति एक ऐसा अभियान है जो बाल विवाह और बाल श्रम को रोकने के लिए चलाया जाता है। इस अभियान का उदेद्श्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की पहचान करना व बाल श्रम में लगे बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराना तथा उन्हें बाल विवाह से बचाना है। यह अभियान सरकारी विभागों की अंतर. विभागीय टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच करके चलाया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह और बाल श्रम को समाप्त करना,बाल श्रम रोकने के लिए दुकानों, होटलों और वर्कशॉप जैसे प्रतिष्ठानों में जांच करना एवं बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। साथ ही ’’लैंगिक आधारित हिंसा, दहेज निषेध अधिनियम 1961 के बारे में बताया गया कि यह अधिनियम भारत में दहेज लेने या देने पर रोक लगाता है। इस अधिनियम के अनुसार विवाह से पहले उसके दौरान या बाद में किसी भी पक्ष को संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति देना या लेना अपराध है। अधिनियम का उद्देश्य घरेलू हिंसा और दहेज से संबंधित अपराधों को रोकना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ हेतु शपथ दिलाई गई,महेन्द्र श्रीवास्तव लेखा सहायक द्वारा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मु0 कन्या सुमंगला योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना आदि के बारे में जानकारी दी गयी साथ ही टोल फ्री नं0 1098, 112, 181, 1090 के बारे में जागरूक किया गया तथा योजनाओं से सम्बन्धित पम्पलेट का वितरण भी किया गया, बैठक में खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी,, जिला प्रोबेशन कार्यालय से, जिला मिशन समन्वयक, सेंटर मैनेजर, परियोजना समन्वयक, लेखा सहायक, सामाजिक कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, आंगनवाडी कार्यकत्री, समूह की महिलायें, आदि लोग उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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