नेशनल हाईवे एनएच-27 पर उरई–कालपी खंड के 22 अवैध कट बंद किये गये

कालपी (जालौन ) नेशनल हाईवे एनएच-27 पर उरई से कालपी तक सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस मार्ग पर लंबे समय से मौजूद 22 अवैध कटों को आखिरकार लोहे की मेटल बीम क्रैश बैरियर (MBCB) लगाकर बंद कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी इंग्लेश शर्मा प्रबंधक उरई बारा परियोजना के अनुसार, यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

एनएच-27 उत्तर भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिस पर प्रतिदिन भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं। उरई से कालपी के बीच का हिस्सा विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यहाँ कई गांव और कस्बे सड़क के दोनों ओर बसे हुए हैं। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए समय-समय पर अनधिकृत तरीके से सड़क पर कट बनाए जाते रहे हैं, जिनसे वाहन चालक अचानक मुड़ते या सड़क पार करते हैं। यह स्थिति दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनी हुई थी।

राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी इंग्लेश शर्मा प्रबंधक उरई बारा परियोजना के अनुसार, कई वर्षों से इन अवैध कटों को बंद किए जाने की मांग उठती रही थी। विभाग ने एक सर्वेइंग टीम के साथ पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि उरई से कालपी तक कुल 22 स्थानों पर ऐसे अनधिकृत कट मौजूद हैं, जहाँ से छोटे वाहन, दोपहिया और ग्रामीण परिवहन वाहन लगातार सड़क पार करते रहे हैं। इन कटों की वजह से हाईवे की स्पीड और ट्रैफिक फ्लो पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता था।

निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार को राजमार्ग प्राधिकरण की टीम भारी मशीनरी और सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और सभी 22 अवैध कटों को लोहे की MBCB लगाकर बंद करने का काम शुरू किया। यह बैरियर सड़क पर मजबूती से फिक्स किए गए, ताकि किसी भी वाहन द्वारा इन्हें हटाया न जा सके।

इंग्लेश शर्मा प्रबंधक उरई बारा परियोजना ने बताया कि अवैध कट बंद किए जाने का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना है। हाईवे पर अचानक सामने आने वाले वाहन न सिर्फ खुद जोखिम में होते हैं, बल्कि तेज रफ्तार में चल रहे बड़े वाहनों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। कई बार इन स्थानों पर हादसे हो चुके हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ है। अब बैरियर लगने के बाद दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने भी राजमार्ग प्राधिकरण की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई थी। जांच में पाया गया कि अनधिकृत कट इस बढ़ती दुर्घटना दर का एक महत्वपूर्ण कारण हैं। ऐसे में इन कटों को बंद करना आवश्यक हो गया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि अब वाहन चालकों को निर्धारित यू-टर्न और चिन्हित स्थानों से ही मोड़ लेना होगा, जिससे सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा।

हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने अवैध कट बंद किए जाने पर नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि इससे उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और समय अधिक लगेगा। ऐसे ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रशासन ने कहा है कि नजदीकी वैध कट और सर्विस लेन को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि लोगों को असुविधा न हो।

राजमार्ग प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अनधिकृत कट मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि बिना अनुमति सड़क पर कट न बनाएँ और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करें।

उरई से कालपी तक का यह पूरा क्षेत्र अब पहले की तुलना में काफी सुरक्षित माना जा रहा है। आने वाले दिनों में राजमार्ग पर अतिरिक्त साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, और स्पीड नियंत्रण चिन्ह भी लगाए जाएंगे। विभाग के अनुसार यह कदम हाईवे पर यात्रा कर रहे लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और यातायात प्रवाह को भी सुचारू बनाए रखेगा।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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