कानपुर देहात
कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण की स्थिति, स्वच्छता गतिविधियों तथा डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ द्वारा किए गए निरीक्षणों में चिन्हित बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत में गत बैठक के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाई जाए तथा जननी सुरक्षा योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का टीकाकरण किसी भी परिस्थिति में छूटने न पाए। जिलाधिकारी ने आगामी स्वास्थ्य अभियानों की तैयारियों पर विशेष बल देते हुए कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगाए जाने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सभी विद्यालयों से शत-प्रतिशत डेटा उपलब्ध कराया जाए, जिससे वैक्सीनेशन कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संचालित हो सके। इसी प्रकार, 14 दिसम्बर से प्रारंभ होने वाले पल्स पोलियो अभियान के संबंध में उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि वे समय से अपनी कार्ययोजनाएँ तैयार करें, क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाएँ तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। बैठक में आयुष्मान भारत—प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि 25 नवम्बर से 25 दिसम्बर 2025 तक 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड निःशुल्क बनाए जाएंगे। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अवधि में हर पात्र व्यक्ति का कार्ड बनना सुनिश्चित हो, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दी जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गंभीर रूप से बीमार बच्चों की समय पर पहचान एवं त्वरित उपचार, आयरन की गोली वितरण, न्यूमोनिया नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम तथा अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सकों को सभी आगामी अभियानों में पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। बैठक के दौरान डेऱापुर, अमरौधा एवं संदलपुर क्षेत्रों के कार्य-प्रदर्शन में पाई गई लापरवाही पर जिलाधिकारी ने सुधार हेतु सख्त निर्देश दिए। यूनिसेफ की तृतीय पक्ष जांच रिपोर्ट पर भी विस्तृत चर्चा की गई और चिन्हित बिंदुओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, एसीएमओ डॉ. सुखलाल वर्मा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य सज्जन लाल, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सभी एमओआईसी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











