लखनऊ।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में एआई फॉर डिजिटल रेडीनेस एंड एडवांसमेंट – एडीरा कार्यक्रम के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन श्री शारदा ग्रुप आफ इन्स्टीट्यूटशन के प्रोजेक्टर रूम में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतुल कपूर, लखनऊ मंडलाध्क्ष अखिलेश सिंह व एआई के मास्टर ट्रेनर डा. निमिष कपूर ने संयुक्त रूप से सरस्वती पूजन व मंगलदीप प्रज्वलित करके किया।
कार्यशाला के संयोजक व संस्थान के डीन प्रोफेसर विवेक मिश्र ने ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की ओर से मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये।
एआई जागरूकता कार्यशाला का संचालन वैज्ञानिक और एडीरा के मास्टर ट्रेनर डॉ. निमिष कपूर ने किया। इस ऑनलाइन कार्यशाला में सहभागिता के लिए 62 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 54 पत्रकारों को चयनित किया गया।
डॉ. कपूर ने बताया कि एआई फॉर डिजिटल रेडीनेस एंड एडवांसमेंट – एडीरा कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जन-समझ और व्याहरिक ज्ञान के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। जिसका उद्देश्य भारत में एआई साक्षरता को बढ़ावा देना और युवाओं को जिम्मेदार व प्रभावी ढंग से एआई के प्रयोग हेतु सक्षम बनाना है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन को इन कार्यशालाओं को आयोजित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
डॉ. कपूर ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए बताया कि भारत में वर्ष 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा विशेषज्ञ और सुरक्षा प्रबंधन विशेषज्ञ जैसी तकनीकी भूमिकाओं की मांग में तेज़ी से वृद्धि होगी। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से प्रमाणित करते हुए कहा कि लोग यह गलत धारणा बना रहे हैं कि एआई के प्रयोग से नौकरियों को जाने का खतरा बढ़ेगा।
प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों एवं प्रशिक्षु पत्रकारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल बातें, जेनरेटिव एआई एवं प्रॉम्प्टिंग तकनीक, एआई टूल्स व एप्लिकेशन, एआई एथिक्स व रिस्क मैनेजमेंट जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। डॉ. कपूर ने कहा कि एडीरा कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशालाएं पूरी तरह निःशुल्क आयोजित की जाती हैं। भारत सरकार की आई साक्षरता को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप एडीरा कार्यक्रम का आयोजन एशियाई वेंचर फिलान्थ्रॉपी नेटवर्क, गूगल और एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा समन्वित रूप से किया जा रहा है।











