कानपुर देहात
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर के जिम्मेदार कर्मचारियों ने उठाई आवाज 108 102 एंबुलेंस के द्वारा गंभीर हालत के मरीजों को मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए सीधे ना ले जाकर फेरा बनाने के चक्कर में पहले लाया जाता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तत्पश्चात उपरोक्त मरीज को एंबुलेंस कर्मियों के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद रेफर लेटर बनवा कर उपचार के लिए ले जाया जाता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर के ठीक बगल में स्थित मेडिकल कॉलेज कानपुर देहात*,,,, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर के कर्मचारियों की माने तो इस बीच का मूल्यवान समय मे गंभीर हालत वाले मरीज को समय से नहीं उपलब्ध हो पाता है आवश्यक उपचार, जिसके फल स्वरुप मरीज की हालत और ज्यादा हो जाती है खराब लेकिन फेरा में वृद्धि करने के लिए एंबुलेंस कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है उपरोक्त निंदनीय कृत्य,,, उपरोक्त संबंध में उपरोक्त एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आदित्य सचान के द्वारा विगत कई महीने पहले उपरोक्त एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम प्रबंधक को गंभीर हालत वाले मरीजों को उपचार के लिए सीधे मेडिकल कॉलेज ले जाने के आदेश निर्गत किए थे लेकिन नोडल अधिकारी का उपरोक्त आदेश एंबुलेंस कर्मियों के द्वारा अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं माना जा रहा है,,











