रसूलाबाद कानपुर देहात।शनिवार को रसूलाबाद कस्बे में स्थित हज़रत गुलपीर शाह र.अ. के आस्ताने चार दिवसीय उर्स का आगाज हुआ। उर्स के पहले दिन जलसा ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। उर्स के पहले दिन खिताब करते हुए अल्लामा,मौलाना व मुफ़्ती गुलफ़ाम रजा रामपुरी ने कहा कि मुस्तफ़ा की सुन्नत पर चलकर बेशुमार सवाब है। एक छोटी सी सुन्नत अदा करने पर 100 शहीदों का सवाब मिलता है। नबी की शरीयत के हिसाब से कपड़े पहनो,दोस्ती अल्लाह से और रसूल उल्लाह से करो। ज़कात गरीबों का हक़ होता है जिसे दिया करो। उन्होंने उमड़े हुजूम को खिताब करते हुए कहा शरीयत के हिसाब से जिंदगी गुजारो तो घर में भी बरकत होगी और जिंदगी में भी बरकत होगी। जब दुनियाँ में इस्लाम नहीं आया था तो औरतों को सम्मान नहीं मिलता था। जब इस्लाम की शमां रोशन हुई तो मेरे प्यारे आक़ा हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा स.अ. ने फरमाया कि किसी का हक़ न मारो, बेटियों और औरतों का सम्मान करो। पड़ोसी,बहन, भाई, रिश्तेदार सभी का हक़ अदा करना चाहिए। हक़ कभी किसी का नहीं मारना चाहिए और अगर किसी का हक़ मार लिया हो तो उसे पूरा करो। तकरीर सुनने के लिए लोग देर रात 2 बजे तक जमा बने रहे। वहीं कन्नौज के गुरसहायगंज कस्बे से आए मौलाना बदरुल हसन ने भी तकरीरें की। इसके अलावा कन्नौज के मशहूर शायर मौलाना रहमत कादरी व मौलाना जीशान रजा कादरी ने जलसा ईद मिलादुन्नबी में नात ए नबी गुनगुनाई। इस मौके पर मो.अली, हाफ़िज़ इसराईल,हाफिज अब्दुल रशीद,हाफ़िज़ साजिद, हाफिज अरमान सहित कई उलेमा रहे।











