मूसानगर कानपुर देहात अच्युत ब्रह्म धाम अखंड परमधाम आश्रम में चल रहे 33वें भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन, श्रीमद् भागवत कथा एवं शतचंडी महायज्ञ का समापन शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में 50 जोड़ों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर एक-दूसरे का हाथ थामा।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने सभी नवविवाहित दंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि गुरु अच्युतानंद शास्त्री के निर्वाण दिवस पर आश्रम में पिछले 33 वर्षों से लगातार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है साथ संत सम्मेलन और महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी 50 कन्याओं का विवाह कराकर उन्हें विधिवत विदा किया गया। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन महाकुंभ के समान पुण्य प्रदान करता है और यह भारतीय संस्कृति तथा सर्वसमाज की एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समस्त कार्यक्रमों का आयोजन अखंड परमधाम नंदिनी गौशाला सेवा समिति के तत्वाधान में होता है।
व्यास पीठ का पूजन कर नवदम्पतियों को आशीर्वाद दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त बनाने और एकता का संदेश फैलाने के लिए ऐसे सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विवाह संस्कार पंडित सुमित तिवारी की टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराए। कार्यक्रम के बाद आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम व्यवस्था में कई स्वयंसेवकों और आश्रम से जुड़े लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।











