तहसीलदार अकबरपुर एवम जिला कृषि अधिकारी द्वारा बुझायी गयी पराली में लगी आग एवं बिना एस0एम0एस0 चलती कम्बाईन हार्वेस्टर की गयी सीज

कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा पराली जलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिनांक 17.11.2025 को क्षेत्र का भ्रमण कर पराली जलने की घटनाओं की रोकथाम हेतु कृषकों को जागरूक किया गया तथा किसानों को पराली न जलाने की शपथ दिलायी गयी।
जिला कृषि अधिकारी डा0 उमेश गुप्ता तहसीलदार-अकबरपुर पवन कुमार सिंह, नायब तहसीलदार अकबरपुर नरेन्द्र मिश्रा एवं सहायक विकास अधिकारी-कृषि के साथ क्षेत्र भ्रमण के समय ग्राम कुर्वा खुर्द , विकासखण्ड सरवनखेडा में किसान द्वारा खेत में जलायी गयी पराली को बुझवाया गया तथा तहसील अकबरपुर के राजस्व ग्राम खरका में बिना फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्र के श्री प्रमोद कुमार मिश्रा पुत्र स्व0 रामलाल मिश्रा निवासी शंकर दयाल नगर, अकबरपुर के धान के खेत में कटाई कर रहे कम्बाईन हार्वेस्टर सं0 यू0पी0 92 ए0 एल0 2137 गाडी मालिक श्री आशिफ पुत्र इमाम अली निवासी ग्राम कदौंरा, वि0ख0 कालपी, जनपद जालौन को सीज किया गया। उनके द्वारा किसानो को जागरूक किया गया कि फसल अवशेष/पराली जलाने से जहाॅ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेष/पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 5000/- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 10000/- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 30000/- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है।
जिला कृषि अधिकारी द्वारा समस्त कृषक उत्पादक संगठनों एवं जनपद के प्रगतिशील कृषकों से पराली को जलाने के स्थान पर निराश्रित गोवंश स्थलों पर दान करने अथवा उसे खेत पर ही सडा कर जैविक उर्वरक के रूप में प्रयोग करने की अपील की गयी। उप कृषि निदेशक द्वारा किसानो से अपील की गयी कि फसल अवशेष/पराली कदापि न जलायें एवं बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा अन्य कृषि प्रबन्धन यंत्रों के कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई कदापि न करायें, अन्यथा कम्बाईन हार्वेस्टर को सीज कर सम्बन्धित चालक के साथ-साथ कृषक का भी उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्यवाही की जायेगी तथा पराली/फसल अवशेष जलाने वाले कृषक को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं प्राप्त हो सकेगा।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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