श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया:श्रीमद् भागवत कथा में मनाया भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव
कानपुर महानगर बर्रा 6में स्थित शिवमंदिर त्रिशूल पार्क प्रांगण में संचालित नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के पंचम दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया. इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे. श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-माला से आकर्षक ढंग से सजाया गया था. कथावाचक शरद व्यास जी महाराज ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया. कथावाचक ने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है. अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है. जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ. कथा के दौरान बासुदेव, यशोदा व श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे. प्रवचन के क्रम में कथावाचक ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो संकल्प लेना जरूरी है. हर बच्चे को अपने माता-पिता व गुरू की बातों को मानना चाहिए. जिन बच्चों के उपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है. हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर साथ लाएं. धर्म की कथा सुनने से बच्चों में अच्छी संस्कार आती है. कानपुर बर्रा 6 त्रिशूल पार्क में कार्यक्रम को लेकर आयोजित नव दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के आयोजन से भक्तिमय माहौल बना हुआ है. भागवत कथा के दौरान व्यास पूजा, भजन, झांकी व आरती में नितिन रिसु त्रिवेदी, रवि, चंदन कुमार पांडेय व झांकी निर्देशक दीपक पाठक अहम भूमिका निभा रहे हैं. कथा के अंत में प्रसिद्ध आरती ‘श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती’ का सामूहिक रूप से गायन हुआ. फिर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया. आयोजन को सफल बनाने में राकेश शुक्ला आलोक मिश्रा अखिल द्विवेदी आदि अहम भूमिका निभा रहे हैं











