चिलौली में बंदरों का आतंक।
डेरापुर कानपुर देहात। वैसे तो बंदर जहां भी है वहा आतंक फैला रहे है परन्तु इससमय चिलौली में करीब दो दर्जन से कहीं अधिक बंदर हैं आये दिन जहां घरों मेंघुस कर जो पाया सो खाया वहां तक ठीक परन्तु ये सब दौडालेते हैं काट खाते। यहां तक खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर देते अन्ना जानवर तो मात्र खेती बर्बाद करते ये घर बाहर कुछ भी नही रखते गांव के भारत सिंह यादव ने बताया कि बंदरों ने घर में घुसकर एक बार नहीं अनेक बार खाया पिया और सामान तोड दिया यहां तक कि पत्नी को दौडा लिया जो गिर पडी और हाथ टूट गया ऐसे कई उदाहरण हैं । गांव के पास खेतों में केला पपीता आम मक्का खाने वाली फसल को रौदकर चला देते हैं।एक साथ इनका झुण्ड टूट पडता है लोग डर से घरों में छुप जाते और ये तोड फोड कर पडोसी के घर उछल कूद मचाने लगते हैं हालाकि प्रयाग हाई कोर्ट ने चार सप्ताह के अंदर आवारा कुत्तों व बंदरों पर रोक लगाने यानी समस्या निवारण के लिए सरकार कोहिदायत दी है आज लोग अन्ना जानवरों बंदरों व आवारा कुत्तों से बढ रहे खतरोंसे घर व बाहर के नुकसान के साथ जानमाल की सुरक्षा के लिए समय रहते इन पर अंकुश लगायेजाने की मांग स्थानीय प्रशासन व वन विभाग से जनहित में चिलौली गांव के लोगों ने की है जिससे किसी बडी अनहोनी से बचा जा सके।











