मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत धान खरीद कार्य में नियुक्त समस्त कार्मिकों को कार्यशाला में किया गया प्रशिक्षित
कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (प्रशा०) / जिला खरीद अधिकारी अमित कुमार की अध्यक्षता में मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत धान खरीद कार्य में नियुक्त समस्त कार्मिकों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट, माती स्थित नवीन सभागार में कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसमें धान खरीद में योजित कार्मिकों को विस्तृत रूप से प्रशिक्षित करने के साथ-साथ धान खरीद से सम्बन्धित बिन्दुओं पर सारगर्भित चर्चा की गयी। सहा० आयुक्त एवं सहा० निबन्धक सहकारिता, सभी धान क्रय एजेन्सी के जिला प्रभारी, समस्त मण्डी सचिव व धान क्रय केन्द्र प्रभारी उपस्थित रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 -26 हेतु धान कामन का समर्थन मूल्य रू0 2369/- प्रति कुन्तल व धान ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य रू0 2389/- प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है. जिसमें गतवर्ष के सापेक्ष रू0 69 प्रति कु० की दर से ०3 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। जनपद के लिए धान खरीद का लक्ष्य 68000 मी०टन आवन्टित किया गया है। जनपद में धान खरीद हेतु विभिन्न कय एजेन्सियों यथा खाद्य विभाग के 24, पी०सी०एफ० के 08, यू०पी०एस०एस० के 03, पी०सी०यू० के 08 व भा०खा०नि० के 01 कुल 44 क्रय केन्द्र अनुमोदित हैं। 1. मण्डी सचिव, मण्डी परिसर में संचालित किये जाने वाले केन्द्रों हेतु आवश्यक व्यवस्था यथा टीनशेड, किसानों को बैठने, पानी / छाया आदि की व्यवस्था करायें। साथ ही मण्डी के प्रवेश द्वार पर कृषकों द्वारा लाये गये धान को मण्डी परिसर में स्थित क्रय केन्द्रों पर कमवार टोकन व्यवस्था से खरीद कराने के लिये भी निर्देशित किया गया।2 धान कय हेतु कृषकों द्वारा पंजीयन कराने के लिये खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। कृषकों को आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर ही पंजीयन कराना अनिवार्य है। आधार से लिंक बैंक खाते में पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से ही भुगतान की सुविधा दी गयी है। 3 खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के अन्तर्गत किसानों के पंजीकरण प्रपत्र को सीधे लेखपाल की लॉगिन पर भेजा जायेगा और इस पंजीकरण प्रपत्र में दर्ज विवरण का सत्यापन / संशोधन कर उनकी अधिकार सीमा (लेखपाल सीमान्त कृषकों की भूमि का, तहसीलदार लघु कृषक एवं अन्य कृषकों के तीन हेक्टेयर तक उपजिलाधिकारी-तीन हेक्टेयर से ऊपर तथा पाँच हेक्टेयर तक अपरजिलाधिकारी पाँच हेक्टेयर से ऊपर) में लेखपाल / तहसीलदार/उप जिलाधिकारी / अपर जिलाधिकारी द्वारा लॉक किया जा सकेगा। उक्त अधिकारियों द्वारा इस प्रकार प्राप्त पंजीकरण प्रपत्रों में दर्ज विवरण यथा-आधार व खतौनी में दर्ज नाम की समानता, कुल रकबा, अंश निर्धारण, बोई गयी फसल का रकबे का परीक्षण व सत्यापन करते हुए लॉक किया जायेगा। 4. किसान के धान के बोये गये रकबे का सत्यापन अधिकतम 24 घण्टे में हो जाये व किसान को तहसील में न आना पड़े। 5. मण्डी सचिवों द्वारा कय केन्द्रों हेतु उपलब्ध कराये गये इलेक्ट्रानिक कॉटों की रिपेयरिंग हेतु कैम्प लगाये जाये। 6. क्रय एजेन्सी भा०खा०नि०, पी०सी०एफ० व यू०पी०एस०एस० अपनी एजेन्सी के अवशेष क्रय केन्द्रों की फीडिंग ई-उपार्जन पोर्टल पर पूर्ण करायें। 7 क्रय एजेन्सी जिला प्रभारियों को धान कय केन्द्रों हेतु स्टॉफ, अभिलेख, बोरे, उपकरण व धनराशि की उपलब्धता बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया। 8. मण्डी समिति द्वारा धान क्रय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, मण्डी समिति के गेट पर बड़े-बडे फ्लैक्सी बैनर व होर्डिंग लगवाये जाये, जिसमें धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य, पंजीकरण प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था आदि का उल्लेख किया जाये। अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि शासन, किसानों की आय में वृद्धि करने हेतु संवेदनशील है एवं कृषकों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिये भी सतत् प्रयत्नशील है। खरीद केन्द्रों पर किसानों के साथ मधुर व्यवहार किया जाये। किसानों का समय से धान की तौल करायी जाये एवं मानक के नाम पर अनावश्यक किसानों के धान का रिजेक्शन न किया जाये तथा धान के मूल्य का भुगतान समय से उनके बैंक खाते में प्रेषित कराया जाये तथा कय केन्द्रों पर किसानों को अपनी उपज बिकी करने में कोई कठिनाई न होने पाये। अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि गतवर्ष के सापेक्ष इस वर्ष धान का उत्पादन अधिक है, धान क्रय केन्द्रों पर खरीद हेतु अधिक दबाय रहेगा। केन्द्रों पर आवश्यक तैयारी पूर्ण रखी जाये। जनपद में आकस्मिक वर्षा के कारण धान में नमी का प्रतिशत अधिक रहेगा। किसानों को अपनी उपज सुखा कर केन्द्रों पर लाने हेतु प्रचार प्रसार कराया जाये। क्रय केन्द्र पर कृषकों का धान पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर क्रय किया जाये। यदि किसी क्रय केन्द्र पर उसकी दैनिक खरीद क्षमता से अधिक किसान पहुँचते हैं तो केन्द्रों पर कृषकों की सुविधा के लिए ऑफलाइन टोकन व्यवस्था की जाये, जिससे किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी देवेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।











